"और फिर प्रेम में अहंकार कैसा, जब पार्वती 100 बार रूठी तो शिव ने 1000 बार मनाया। तभी तो कहा है— सती सा त्याग तभी करना, जब तुम्हें चाहने वाला शिव बनकर तुम्हारा इंतज़ार करे। ❤️"

Isha rani
Wisdom
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